टनकपुर/चम्पावत। करीब 10 वर्ष पूर्व टनकपुर में निर्मित ट्रॉमा सेंटर (आपातकालीन चिकित्सा सुविधा केंद्र) को इलाज लायक बनाने की कवायद शुरू की जा रही है। इस बीच ट्रॉमा सेंटर भवन की खामियों को दूर करने सहित अन्य आधारभूत ढांचे को दुरस्त करने का काम चल रहा है। उक्त कार्य आगामी 3 मह में पूरा कर लिए जाने का दावा भी किया गया है।
टनकपुर व आसपास के क्षेत्रों में आकस्मिक सेवाओं को बेहतर करने के लिए 2017 में ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हुआ था,लेकिन सरकार व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते इतना लम्बा समय बीत जाने फर भी उक्त भवन का संचालन कभी नहीं हुआ। अलबत्ता अब ये स्थिति बदल सकती है। एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) ऋषिकेश की अधिशासी निदेशक एवं मुख्य अधिशासी अधिकारी प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने 31 मई को टनकपुर के ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर इसके जल्द से जल्द संचालन की संभावनाओं को टटोला था। मुआयने और आकलन के अधार पर एम्स की टीम ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। और अब इसके संचालन को लेकर कवायद शुरू हो गई है।
भवन का सर्वे और रिपोर्ट के बाद इसके संचालन की उम्मीद जगी है। और अब ट्रॉमा सेंटर भवन की छुटपुट खामियों को दूर कराया जा रहा है। भवध को दुरुस्त करने कु जिम्मेदारी संभाल रहे विभाग सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक जीसी पंत ने बताया कि टनकपुर ट्रॉमा सेंटर भवन की चहारदीवारी मरम्मत,बिजली फिटिंग,दरवाजे,पुराने शौचालयों को दुरुस्त करने सहित छुटपुट मरम्मत का काम किया जाना है। इसके अलावा उप जिला अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर भवन को जोड़ने के लिए करीब 50 मीटर सड़क का निर्माण कराया जाएगा। पीएम पंत ने बताया कि 20 लाख रुपये की लागत से ये काम 3 महीने में पूरा करा लिया
जाएगा। गौरतलब है कि ट्रामा सैन्टर संचालन के लिए टॉमा सेंटर में उपयोग में आने वाले उपकरण के साथ ही सर्जन, निश्चेतक,न्यूरो सर्जन सहित डॉक्टर और पैरा मेडिकलस्टाफ इन दो शर्तों को पूरा करना है जरूरी है।
चम्पावत जिले में 2.02 करोड़ रुपये से बने हैं दोनों ट्रॉमा सेंटर भवन:
पूर्व कांग्रेस सरकार में चंपावत जिले में आकस्मिक सेवाओं को बेहतर करने के लिए वर्ष 2017 में 2.02 करोड़ रुपये की लागत से दो ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हुए थे। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते ये कभी शुरू नहीं हो सके। लोहाघाट ट्रॉमा सेंटर का उपयोग ओपीडी मरीजों को देखने और कार्यालय के काम के लिए किया जा रहा है। जबकि टनकपुर के ट्रॉमा सेंटर में पिछले महीने तक पीएसी कर्मियों के आवास,पूर्णागिरि मेला अवधि में बम निरोधक दस्ता और कई कर्मियों के अस्थाई रूप से रहने के काम आ रहा था। अलबत्ता फिलहाल टनकपुर ट्रॉमा सेंटर भवन को खाली भवन रिपेयरिंग की कवायद शुरू की जा रही है।
ट्राँमा सेन्टर भवन के बाहर सड़क निर्माण कार्य में जुटे मजदूर।
