टनकपुर/लोहाघाट/चम्पावत। आज शनिवार सुबह लोहाघाट उप जिला अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला की अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से बीमार नंदा देवी को यहां ऑक्सीजन सर्पोट में रखा गया था,आज सुबह एकाएक बिजली बंद होने से अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही से जनरेटर चलाने में देरी की गई। जिस कारण बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। लोहाघाट के सुई पऊ गांव की नंदा देवी (76) पत्नी ईश्वरी दत्त पिछले एक माह से बीमार थी। उन्हें कल 3 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने महिला को ऑक्सीजन सपोर्ट में रखा गया था। इष बीच अस्पताल में ठीकठाक इलाज भी मिल रहा था।
. परिजनों ने आरोप लगाया कि आज 4 जुलाई की सुबह एकाएक अस्पताल की बिजली गुल हो गई और जनरेटर चलाने में देरी हुई। जिस कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। कहा कि जनरेटर चलाने को लेकर बुजुर्ग महिला के बेटे ने अस्पताल कर्मी से कई बार अनुरोध भी किया। दो कर्मचारियों से गुहार लगाई, किसी ने कोई बहाना बनाया किसी ने डीजल नहीं होने की बात कही। ऐसे में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से उनकी मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी फौरन अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। विधायक ने कहा आज मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के 5 साल पूरा होने का भाजपा जोरदार जश्न मना रही है, वहीं लोहाघाट अस्पताल में जनरेटर नहीं चलने से मरीज ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की नाकामी बताया। कहा कि अस्पताल में चिकित्सक बेहतर काम कर रहे हैं,पर सरकार के द्वारा अस्पताल में सुविधाओं की कमी से मरीजों को दिक्कत आती है। विधायक अधिकारी ने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ कागजों पर वाहवाही लूट रही है। घटना के बाद अस्पताल में सीडीओ डॉ. जीएस खाती और सीएमओ डॉ. देवेश चौहान मौके पर पहुंचे।
कर्मचारी की लापरवाही से हुई मौतः
टनकपुर/लोहाघाट।अस्पताल पहुंचे मुख्य चिकित्साधीक्षक लोहाघाट डा.विजय राठी ने कहा कि अस्पताल के जनरेटर में पर्याप्त मात्रा में डीजल था और जनरेटर भी ठीक हाल में था। लेकिन कर्मचारी ने जनरेटर चलाने में देरी की। प्रथमदृष्ट्या कर्मचारी की लापरवाही प्रतीत होती है। मामले में जांच के बाद आवश्यक कार्रवार्ई अमल में लाई जाएगी।
नंदा देवी। (फाइल फोटो)
