टनकपुर/चम्पावत। सफाई कार्य में ठेका प्रथा बंद करने सहित 7 सूत्रीय मांगों को लेकर देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ का यहां 18 जून से चरणबद्ध आन्दोलन जारी है । आंदोलन के छठें चरण में इन कर्मचारियोंत्र ने आज 3 जुलाई से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया गया है। पहले दिन शाखाध्यक्ष कमलेश वाल्मीकि और नरोत्तम वाल्मीकि अनशन कर रहे हैं। वहीं कर्मिकों ने 30 जून से दूसरी शिफ्ट की सफाई का भी बहिष्कार कर रखा है।
गौरतलब है कि संगठन ने वाल्मीकि समाज के गरीब परिवारों को आवासीय सुविधा देने, शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं का लाभ, इलाज के लिए विभागीय सहायता देने सहित 7 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं करने पर संपूर्ण कार्यबहिष्कार की चेतावनी दी है। संगठन के शाखाध्यक्ष कमलेश वाल्मीकि ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर शाखा मंत्री सुनील वाल्मीकि, विशाल सुशीला देवी,चंदन वाल्मीकि,उर्मिला देवी,बित्रा देवी,राकेश कुमार,कपिल वाल्मीकि,राजेंद्र वाल्मीकि,प्रेमपाल वाल्मीकि आदि मौजूद थे। आज नगर पालिका सभासद सव्या वाल्मीकि ने आंदोलन का समर्थन किया।
सफाई कर्मचारी संघ की ये हैं मांगें:
1.सफाई कार्य में ठेका प्रथा बंद हो। वर्षों से काम कर रहे ठेका कर्मियों को नियमित किया जाएं या संविदा मे समायोजित कर नियमितीकरण होने तक समान
कार्य समान वेतन दिया जाए।
2.विनियमितीकरण नियमावली 2025 मे कट ऑफ डेट 2018 संशोधन कर 2024-25 की
जाए। नियमावली में वर्षों से सेवा दे रहे मौहल्ला स्वच्छता समिति
कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों को शामिल कर नियमित किया जाए।
3.वर्ष 2021 में गठित रयाल कमेटी की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
4.सफाई कर्मचारी का विशेष पद घोषित करते हुए मृतकाश्रित नियमावली में शिथिलता बरती जाए और जिस परिवार में माता-पिता दोनों नौकरी पर है. एक की मृत्यु के बाद भी उसके आश्रित को प्राथमिकता से नियुक्ति दी जाए।
5.नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना पुन: लागू की जाए।
6.वर्षों से कार्यवाहक पर्यावरण पर्यवेक्षक/कनिष्ठ सहायक लिपिक पदों पर सेवा दे रहे पर्यावरण मित्रो को पदोन्नति दी जाए।
7.नगर पालिका परिषद/नगर निगमों/नगर पंचायतो की भूमि पर बने सफाई कर्मियों के आवासों को मालिकाना हक दिया जाए।
पालिका परिसर में अनशन पर बैठे पर्यावरण मित्र।
