टनकपुर/चम्पावत। टनकपुर से लगे बनबसा क्षेत्र के एक स्कूल में जालसाजी का मामला प्रकाश में आया है। स्कूल के एक शिक्षक ने छुट्टी के लिए प्रधानाचार्य को फर्जी चिकित्सा प्रमाणपत्र बना सौंपा गया है।स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा शक होने पर पुष्टि हेतु चिकित्साधिकारी से उक्त प्रमाण -पत्र जारी करने विषयक मालूम किया गया जो उनके द्वारा जारी नहीं करना पाया गया और प्रमाणपत्र में हस्ताक्षर भी उक्त चिकित्सक नहीं बताए गए। मामला जानकारी में
आने पर चिकित्साधिकारी ने टनकपुर कोतवाली में तहरीर सौंपी है। पुलिस द्वारा आरोपित शिक्षक के खिलाफ अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। प्रभारी निरीक्षक चेथन रावत ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। वरिष्ठ उप निरीक्षक पूरन सिंह तोमर मामले की जांच सौंपी गई है।
उप जिला चिकित्सालय टनकपुर में तैनात चिकित्साधिकारी डा.मोहम्मद उमर ने टनकपुर कोतवाली में तहरीर सौंप ग्राम भजनपुर स्कूल में तैनात एक अध्यापक पर उनके नाम और हस्ताक्षर से फर्जी चिकित्सा प्रमाणपत्र बनाने का आरोप लगाया है। चिकित्सक डॉ. उमर का कहना है कि न तो उक्त मेडिकल सर्टिफिकेट उन्होंने बनाया है और नहीं इसमें हस्ताक्षर उनके हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सा प्रमाणपत्र 49 दिनों (13 मई से 30 जून तक) का बना हुआ है। मामले का खुलासा कुछ ऐसे हुआ कि बनबसा क्षेत्र के एक स्कूल के शिक्षक द्वारा बनाए गए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट में ओवर राइटिंग की गई है। इसके अलावा प्रमाणपत्र में अन्य कई खामियां भी नजर आई। शिक्षक ने जब स्कूल के प्रधानाचार्य को छुट्टी का प्रमाणपत्र दिया, तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले डॉ. मोहम्मद उमर को फोन कर संपर्क साधा। तब पूरे मामले के फर्जी होने की बात सामने आई। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
