टनकपुर/चम्पावत। अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आन्दोलनरत सफाई कर्मचारी संघ के आह्वान पर स्थानीय पर्यावरण मित्रो़ द्वारा आज 30 जून से आधे दिन का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया गया। गौरतलब है कि सफाई कर्मियों ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए 3 जुलाई से क्रमिक अनशन की चेतावनी दी है। बता दें कि संघ ने 18 जून से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था।
आज 30 जून से संगठन के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह वाल्मीकि के नेतृत्व में पर्यावरण मित्रों ने पांचवे चरण के आंदोलन के रूप में आधे दिन का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इसके तहत दूसरी शिफ्ट में 2 जुलाई तक सफाई नहीं की जाएगी। अलबत्ता सुबह की सफाई जारी रहेगी। कार्य बहिष्कार में शाखा अध्यक्ष कमलेश वाल्मिकी, शाखा मंत्री सुनील वाल्मीकि, शाखा उपाध्यक्ष विनोद वाल्मिकी, सोमपाल, राकेश, शक्ति, राजेंद्र हीरा लाल सहित कई पर्यावरण मित्र शामिल थे। संघ ने कहा कि जुलाई 2021 में चले आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने एक माह के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन 58 माह से अधिक बीतने के बावजूद आश्वासन पूरा नहीं हो सका है।
पर्यावरण मित्रों की मांगें:
1.सफाई कार्य में ठेका प्रथ बंद किया जाए। वर्षों से काम कर रहे ठेका कर्मियों को नियमित किया जाएं या संविदा मे समायोजित कर नियमितीकरण होने तक समान कार्य समान वेतन दिया जाए।
2.विनियमितीकरण नियमावली 2025 मे कट ऑफ डेट 2018 संशोधन कर 2024-25 की जाए। नियमावली में वर्षों से सेवा दे रहे मौहल्ला स्वच्छता समिति कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों को शामिल कर नियमित किया जाए।
3.वर्ष 2021 में गठित रयाल कमेटी की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
4.सफाई कर्मचारी का विशेष पद घोषित करते हुए मृतकाश्रित नियमावली में शिथिलता बरती जाए और जिस परिवार में माता-पिता दोनों नौकरी पर है. एक की मृत्यु के बाद भी उसके आश्रित को प्राथमिकता से नियुक्ति दी जाए।
5.नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना पुन: लागू की जाए।
6.वर्षों से कार्यवाहक पर्यावरण पर्यवेक्षक/कनिष्ठ सहायक लिपिक पदों पर सेवा दे रहे पर्यावरण मित्रो को पदोन्नति दी जाए।
7.नगर पालिका परिषद/नगर निगमों/नगर पंचायतो की भूमि पर बने सफाई कर्मियों के आवासों को मालिकाना हक दिया जाए।
नगरपालिका परिसर में प्रदर्शन करते पर्यावरण मित्र।
