टनकपुर/चंपावत। चम्पावत की अदालत ने गैंगरेप में तीन अभियुक्तों को दोषी पाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि चंपावत के सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने तीनों गुनाहगारों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अर्थदंड भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गत 7 अक्टूबर 2023 को चम्पावत के एक गांव में रात तीन अभियुक्तों पर एक महिला के साथ गैंगरेप (सामूहिक दुष्कर्म) करने का आरोप लगा था। तहरीर के आधार पर चंपावत कोतवाली में तीनों आरोपितों (सोहन सिंह, राहुल सिंह और बबलू सिंह सभी निवासी झालाकुड़ी चंपावत) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपपत्र दायर होने के बाद न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। अदालत ने सभी गवाहों, साक्ष्यों, दस्तावेजों और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद सभी आरोपितों को दोषी ठहराते हुए दिए फैसले में चंपावत के सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने तीनों गुनाहगारों को I आईपीसी की धारा 376 डी के अंतर्गत 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 75 हजार-75 हजार रुपये का अर्थदंड भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने पर 1-1 वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सोहन सिंह, राहुल सिंह को आईपीसी की धारा 342 के अंतर्गत 1-1 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं
अभियुक्त सोहन सिंह व राहुल सिंह को आईपीसी की धारा 363 के अंतर्गत लगे आरोप से दोषमुक्त किया गया है।
