टनकपुर/चंपावत। पूर्व में 21 सितंबर 2025 को आयोजित होकर निरस्त हुई सीजीएल (संयुक्त स्नातक स्तरीय) परीक्षा आज 14 जून को पुनः सम्पन्न हो गई। यूकेएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) द्वारा आयोजित उक्त परीक्षा में 3417 में से कुल 2115 अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा दी गई। चम्पावत डीएम मनीष कुमार के मुताबिक जिले के सभी 10 केंद्रों में परीक्षा निष्पक्ष,पारदर्शी और पूरी तरह नकलरहित हुई। डीएम ने खुद भी कई केंद्रों में पहुंच व्यवस्थाओं का मुआयना किया गया।
मुख्य शिक्षाधिकारी मान सिंह ने बताया कि चंपावत जिले में 3417अभ्यर्थियों में से 2151 ने परीक्षा दी। कई अभ्यर्थियों को यह पेपर 21 सितंबर की अपेक्षा कठिन लगा तो बहुतों को आसान। सभी केंद्रों में परीक्षार्थियों की मैटल डिटेक्टर से जांच की गई। क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू होने के अलावा सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त था। एडीएम केएन गोस्वामी,एसडीएम विपिन चंद्र पंत,नीतू डांगर ने विभिन्न केंद्रों की व्यवस्थाओं का मुआयना किया। परीक्षा हेतु प्रवेशपत्र दिखाकर अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क आवाजाही की सुविधा प्रदान की गई थी। सीजीएल परीक्षा चंपावत जिले में (चंपावत के जवाहर नवोदय विद्यालय,जीजीआईसी,जीआईसी व चंपावत सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय कैंपस और लोहाघाट के जीजीआईसी,जीआईसी,राजकीय पीजी कॉलेज,राजीव नवोदय विद्यालय,राजकीय पॉलीटेक्रिक और डायट) शहर चंपावत और लोहाघाट बनाए गए कुल 10 केंद्रों में 3417 अभ्यर्थियों में से 2151 द्वारा उक्त परीक्षा दी गई । प्रशासन और पुलिस ने निष्पक्ष और नकल रहित परीक्षा के पुख्त प्रबंध किए गए थे। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों द्वारा बकायदा सभी केंद्रों का मुआयना किया गया। ज्ञातव्य है कि सीजीएल की उक्त परीक्षा इससे पूर्व 21 सितंबर 2025 को हुई थी। जिसे पेपर लीक के आरोपों के बाद निरस्त कर दिया गया था। पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) द्वारा की जा रही है।
परीक्षा केन्द्र का मुआयना करते डीएम चम्पावत मनीष कुमार।
