टनकपुर/चम्पावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर सुबह करीब 11 बजे मरोड़ाखान के निकट एक रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस का ब्रेक फेल होने की वजह से ढलान पर हुई उक्त दुर्घटना में बस चालक बेनीराम थ्वाल (49) का टायर के नीचे दबने से निधन हो गया। अलबत्ता जान पर खेल चालक द्वारा बस में सवार 34 यात्रियों की जिन्दगी बचा दी।
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग) पर मरोडख़ान के निकट ढलान क्षेत्र में रोडवेज की बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। इस दौरान बस की गति को नियंत्रित करने के दौरान उक्त दुर्घटना में एक महिला यात्री को हल्की चोटें भी आई है। रोडवेज टनकपुर के सहायक मंडलीय प्रबंधक सुरेश पांडेय ने बताया कि एनएच पर मरोडख़ान के निकट धारचूला से टनकपुर की ओर आ रही रोडवेज की बस (यूके 07पीए/ 3122) का मार्ग पर एकाएक ब्रेक फेल हो गया। ढलान पर आ रही बस को नियंत्रित करने के लिए ड्राइवर बेनी राम थ्वाल ने बस को दाहिनी ओर स्थित पहाड़ी पर टकराया। इसी दौरान चालक थ्वाल बस से छिटक कर नीचे गिर गए और बस के आगे वाले टायर के नीचे दब गए जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना की सूचना पर परिवहन निगम के अधिकारी, प्रशासन और पुलिस की टीम द्वारा मौके पर पहुंच राहत कार्य में हाथ बंटाया। जानकारी के मुताबिक 2019 माडल उक्त बस में कुल 34 यात्री सवार थे जो सभी सुरक्षित हैं। एक महिल यात्री को हल्की चोंटे आई जिनका लोहाघाट उप जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया जबकि बस चालक थ्वाल के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच रोडवेज ने दूसरी बस का प्रबंध कर मुसाफिरों को टनकपुर के लिए रवाना किया है।
मृतक बस चालक के परिवार में कोहरामः
टनकपुर। सुबह टनकपुर डिपो की धारचूला से टनकपुर की ओर आ रही रोडवेज बस के चालक बेनीराम थ्वाल ने अपनी जान देकर बस के बाकी यात्रियों की जिंदगी बचा दी। बड़ोली निवासी 49 वर्षीय थ्वाल के परिवार में पत्नी के अलावा दो संतानें हैं। बेटा फौज में है। जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। मौत की खबर के बाद से परिवार में कोहराम है। क्षेत्र के लोग भी गमगीन हैं।
रोडवेज की कथित खटारा बसों को लेकर उठे सवालः
टनकपुर। पहाड़ी मार्गों पर रोडवेज की बसों के जगह-जगह खराब होना आम हो गया है। बस खराब हो खड़ा होना तो आम बात है, लेकिन ब्रेक फेल होने की घटना भी अब नई नहीं है। मालूम हो कि इसी वर्ष फरवरी में लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस का लोहाघाट स्टेशन के पास ब्रेक फेल हो गया था। तब भी चालक की सूझबूझ से हादसा बच गया था। और आज 3 जून को एक बार फिर से ब्रेक फेल होना रोडवेज की बसों की दुर्दशा की पोल खोल रहा है। क्षेत्र के लोगों द्वारा अनफिट और मानक से अधिक रोड पर दौड़ रही बसों को ऑफरूट करने की मांग समय- समय पर उठाई जाती रही है परन्तु रोडवेज प्रबंधन इस ओर खासा लापरवाह बना हुआ है।
दुर्घटनाग्रस्त रोडवेज बस व टायर के नीचे दबा चालक।
