टनकपुर/चंपावत/रीठा साहिब। मीठे रीठे हेतु सुप्रसिद्ध रीठा साहिब गुरुद्वारे में तीन दिनी सालाना जोड़ मेला रविवार को विधिवत संपन्न हो गया। गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के महाभोग और अरदास के साथ आज 31 मई को मेले का औपचारिक रूप से समापन हुआ। तीन दिवसीय मेले में 50 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका। मेला संपन्न होने के बाद तीर्थयात्रियों की वापसी का सिलसिला तेज हो गया है।
आज रविवार को रीठा साहिब के गुरुद्वारे में सबद-कीर्तन जारी रहा। सिख संगत को कार सेवा के प्रमुख बाबा बचन सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने सिख धर्म गुरुओं के त्याग, बलिदान, सेवा, सत्कार की खूबियों को स्मरण कराते हुए इनको विस्तार देने की अपील की। सरबत की भलाई के लिए अरदास हुई। सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति के बल पर उक्त क्षेत्र में रीठे की कड़वाहट में मिठास भरकर समूचे समाज को मिलकर रहने की सीख दी। दूरदराज से आए बाबा अजीत पाल सिंह, बाबा सुरेंद्र सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह, बाबा जसविंदर सिंह, लक्खा सिंह, रेशम सिंह, रंजीत सिंह आदि संतों ने सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। महाभोग का लंगर छकने के बाद यहां से तीर्थयात्रियों की रवानगी शुरू हुई। रीठा साहिब गुरुद्वारे के प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने विभिन्न स्थानों से पहुंचे तीर्थ यात्रियों का स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।
मेले के समापन मौके पर मौजूद
