टनकपुर/चंपावत/रीठा साहिब। गत 29 मई से शुरू हुए रीठासाहिब के जोड़ मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम लगातार जारी है। आज दूसरे दिन शनिवार को रीठा साहिब गुरुद्वारे के मुख्य जोड़ मेले में जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के नारों की गूंज रही। इस दौरान देश के पंजाब,हरियाणा,दिल्ली,उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड सहित विभिन्न प्रान्तों से पहुंचे हजारों तीर्थयात्रियों ने लधिया-रतिया नदी के पवित्र संगम क्षेत्र में स्नान करने के बाद गुरुद्वारे में मत्था टेक मिन्नतें मांगी। श्री गुरुग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी शुरू होने के साथ नानकमत्ता सहित विभिन्न स्थलों से आए जत्थों के प्रतिनिधियों ने गुरुग्रंथ साहिब की अमृतवाणी के अलावा रीठा साहिब गुरुद्वारे के इतिहास की जानकारी दी। इस दौरान शुक्रवार से शुरू अखंड सबद-कीर्तन अनवरत जारी है। तीन दिनी जोड़ मेले का समापन कल यानी 31 मई को होगा।
आज मुख्य मेले के दिन डीएम मनीष कुमार ने गुरुद्वारा में मत्था टेका। उन्होंने सिख धर्म के त्याग,सेवा और सत्कार की भावना को बनाए रखने की सीख दी। कहा कि सेवा और बलिदान सिख धर्म की मुख्य खूबी है। इस स्थान में सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने आध्यात्मिक शक्ति से रीठे की कड़ुवाहट में मिठास भरकर दुनिया को मिलकर रहने का संदेश दिया था। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने डीएम मनीष कुमार का स्वागत कर सरोपा भेंट किया।
श्री गुरुग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी शुरू होने के साथ नानकमत्ता सहित विभिन्न स्थलों से आए जत्थेदारों ने गुरुग्रंथ साहिब की गुरुवाणी अखंड सबद-कीर्तन का आयोजन हुआ। बाबा श्याम सिंह ने श्रद्धालुओं को मीठे रीठे का प्रसाद वितरित किया। जोड़ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते वाहनों की आवाजाही से दिनभर उक्त मार्ग खासा व्यस्त देखा गया।
गुरुद्वारा श्री रीठासाहिब व डीएम को सरोपा भेंट करते गुरुद्वारा प्रबंधक व अन्य।
