टनकपुर /चम्पावत। शहर से लगी ग्रामसभा गैड़ाखाली निवासी पूर्व सैनिक नायक सुरेश लाल प्रहरी का लम्बी बिमारी के चलते गथ मंगलवार देर रात निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को टनकपुर से लगे गेंडाखाली की सीमा से होकर गुजर रही पवित्र शारदा नदी के तट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बनबसा छावनी में तैनात 26 राजपूताना रेजिमेंट के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी देकर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को नमन किया।
पूर्व सैनिक नायक सुरेश लाल प्रहरी भारतीय सेना की महार रेजिमेंट की 15 वीं बटालियन से वर्ष 1999 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेना में रहते हुए उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की मिसाल पेश की। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। बुधवार सुबह जैसे ही उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई, गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस बीच “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारों के बीच वातावरण भावुक हो उठा। गेंडाखाली घाट पर सैन्य टुकड़ी ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। जवानों द्वारा दी गई सलामी के दौरान उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।
अंतिम संस्कार की रस्म उनके पुत्र कमलेश प्रहरी ने मुखाग्नि देकर पूरी की। इस मार्मिक क्षण में परिवारजन स्वयं को संभाल नहीं पाए और घाट पर मौजूद कई लोगों की आंखें छलक उठी। अंतिम यात्रा में परिजनों, पूर्व सैनिकों, ग्रामीणों तथा क्षेत्र के गणमान्य लोगों की भारी भीड़ मौजूद रही। सभी ने स्वर्गीय सुरेश लाल प्रहरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके देश सेवा के योगदान को याद किया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि स्वर्गीय सुरेश लाल प्रहरी सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते थे। उनका निधन समाज और पूर्व सैनिक समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।
स्वर्गीय सुरेश लाल प्रहरी।(फाइल फोटो)
