टनकपुर/चंपावत। शनिवार दोपहर टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर संतोला डेंजर जोन के पास भारी मलबा और बोल्डर आने से उक्त राजमार्ग 5 घंटे से अधिक देर तक बंद रहा। इस दौरान यात्रा मार्ग में फंसे दर्जनों यात्रियों को खासी दिक्कतें हुई। मार्ग में आपातकालीन वाहन 108 भी फंसा रहा।
आज शनिवार अपरान्ह करीब 2 बजे टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर संतोला के डेंजर जोन में मलबे में एक कैंटर के फंसने से ये नौबत आई। अलबत्ता किसी तरह की जनक्षति नहीं हुई। इस दौरान टनकपुर से पिथौरागढ़ की ओर जा रही एक एंबुलेंस वाहन भी जाम में फंसी। एनएच बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बड़ी तादात में यात्री फंसे रहे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि एनएच खंड द्वारा शाम करीब सवा 7 बजे मलबे में फंसे कैंटर को बमुश्किल निकाल किसी तरह एनएच को वाहनों के आवागमन हेतु सुचारू किया जा सका।
आपदा में एक भी जेसीबी नहीं होने पर उठे सवालः
उक्त क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश तिवारी के मुताबिक 2 जुलाई को हुई मॉक ड्रिल के समय चार जेसीबी और लोडर मशीन भेजी गई थी। लेकिन जब हकीकत में
सड़क बंद हुई तो वहां पर एक भी मशीन नहीं थी। तिवारी ने कहा कि सड़क पर पड़ा मलबा पहले हटाया होता, तो शायद ऐसी नौबत नहीं आती। बहरहाल आज मलवा गिरने से 5 घण्टे से अधिक समय तक मार्ग बाधित होना एनएच विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
मार्ग पर मलवा गिरने से फंसा एक वाहन व खड़े यात्री।
