टनकपुर/चम्पावत। जनपद चम्पावत के मैदानी क्षेत्र स्थित सबसे अधिक आबादी वाले शहर टनकपुर के उप जिला अस्पताल में लम्बे इन्तजार, तकरीबन सवा साल बाद ऑर्थोपैडिक सर्जन मिलने की उम्मीद जगी है। शासन द्वारा टनकपुर के उप जिला अस्पताल में अस्थिरोग विशेषज्ञ सहित कुल 4 डॉक्टरों को भेजा गया है।अगर ये चिकित्सक कार्यभार ग्रहण करते हैं, तो इससे मरीजों को लाभ मिलने सहित अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
टनकपुर उप जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक ने बताया कि फिलहाल यहां में 22 चिकित्सकों के स्थान पर महज 13 की ही तैनाती है। अस्पताल में न तो गर्भवती महिलाओं के इलाज की पुख्ता व्यवस्था है न ही हड्डी की चोट का इलाज इसके अलावा जनरल सर्जरी का बंदोबस्त भी नहीं है हालांकि सर्जन के तौर पर डा.प्रभा जोशी तैनात हैं मगर उनके द्वारा अस्पताल में फिलहाल आपरेशन नहीं किए जा रहे हैं।अब देखना होगा कि एक और सर्जन आने से व्यवस्थाओं में क्या सुधार होता है। गायनाकॉलोजिस्ट के नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को यहां न तो बेहतर इलाज मिल पा रहा है और न ही जटिल प्रसव हो पा रहे हैं।
अस्पताल में महिलाओं के इलाज के बाद सबसे ज्यादा मरीज हड्डी की परेशानी वाले आते हैं,लेकिन अस्थिरोग विशेषज्ञ की कमी भारी पड़ रही थी। इन सबका असर जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा की 55 हजार की आबादी के अलावा टनकपुर से लगे नेपाल के आसपास के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें या तो निजी अस्पताल में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है या दूसरे जिलों के सरकारी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। लेकिन अब स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
इन चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के आदेश जारीः
टनकपुर। प्रदेश शासन ने टनकपुर अस्पताल में चार डॉक्टरों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। इनमें अस्थिरोग विशेषज्ञ,जनरल सर्जन,बाल रोग विशेषज्ञ और ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सकों को टनकपुर भेजा जा रहा है। इनमें से ईएनटी डॉक्टर ने यहां कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वैसे सभी चिकित्सकों के कार्यभार ग्रहण करने के बावजूद गायनाकोलॉजिस्ट के 2, निश्चेतक,फिजिशियन और चर्म रोग विशेषज्ञ का एक-एक पद अभी भी खाली है। टनकपुर स्थानांतरण होकर आए चिकित्सकों में अस्थिरोग विशेषज्ञ डा. प्रिंस महेश्वरी जनरल सर्जन:गजेंद्र कुमार सोनी,ईएनटी डॉक्टर:सुकृति त्रिपाठी,बाल रोग विशेषज्ञ:वसुधा मिश्रा।
क्या कहते हैं चिकित्साधिकारी:
टनकपुर उप जिला अस्पताल को चार विशेषज्ञ चिकित्सक मिले हैं। इनमें से एक डॉक्टर (ईएनटी) ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है। इन डॉक्टरों के आने से इलाज में सुधार होगा। अब अस्पताल में ऑपरेशन कराने का भी प्रयास किया जाएगा। निश्चेतक का पद खाली है, लेकिन इसके लिए वैकल्पिक बंदोबस्त किए जाएंगे।
डॉ. घनश्याम तिवारी,
चिकित्साधीक्षक, एसडीएच।
