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हत्या में शामिल अभियुक्त को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा -टनकपुर में 26 दिसंबर 2024 को टैक्सी चालक की अभियुक्त हरीश भट्ट ने कर दी थी हत्या -चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला, तीन अभियुक्तों को मिला संदेह का लाभ चंपावत : विशेष सत्र न्यायालय ने टनकपुर में एक टैक्सी चालक की हत्या के आरोप में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीन आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। दोषी ठहराए गए अभियुक्त को आजीवन कारावास के साथ अर्थ दंड भी भुगतना होगा। टनकपुर में रोडवेज वर्कशाप के पास 26 दिसंबर 2024 को चाकू से गोदकर टैक्सी चालक नरेंद्र मिश्रा उर्फ रिंकू (41) की हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में चार हरीश भट्ट निवासी बिचई, धर्मेंद्र कुमार निवासी वार्ड नंबर छह टनकपुर, आकाश पाटनी निवासी ककरालीगेट टनकपुर और दीपक राम उर्फ दिप्पू उर्फ अंग्रेज निवासी नेपाली बस्ती मनिहारगोठ, टनकपुर के विरूद्ध टनकपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामले की विशेष सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। विशेष सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने साक्ष्यों, गवाहों के बयान और विभिन्न दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अभियुक्त हरीश भट्ट को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त हरीश भट्ट को बीएनएस की धारा 61 के अंतर्गत संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है। जबकि तीन अन्य अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया है। दोषमुक्त करार दिए गए धर्मेंद्र कुमार, आकाश पाटनी और दीपक राम उर्फ दिप्पू उर्फ अंग्रेज को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 481 के अंतर्गत 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इसी धनराशि के दो-दो विश्वसनीय व सक्षम प्रतिभू चंपावत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय की संतुष्टि अनुसार दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने हरीश भट्ट को बीएनएस की धारा 103 (1) के अंतर्गत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है। बीएनएस की धारा 238 के अंतर्गत तीन वर्ष के साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत तीन वर्ष के साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपये का जुर्माना, अर्थदंड अदा नहीं करने पर 103 (1) के अंतर्गत छह माह, बीएनएस की धारा 238 के अंतर्गत एक माह और धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। आकाश पाटनी, धर्मेंद्र कुमार को धारा बीएनएस की धारा 103 (1) व 61 के अंतर्गत आरोपों से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है। अभियुक्त दीपक राम उर्फ दिप्पू उर्फ अंग्रेज को बीएनएस की धारा 238, 103 (1) व 61 के अंतर्गत आरोपों से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की। | Uttarakhand Updates