टनकपुर/चंपावत। चम्पावत के विशेष सत्र न्यायालय द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित को दोषी ठहरा 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मालूम हो कि गत 24 मार्च 2025 को बनबसा क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका का अपहरण हुआ था। पीड़िता की मां ने बेटी को एक व्यक्ति अरुण कुमार द्वारा अपने साथ ले जाने का अंदेशा जताया था। पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर बनबसा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपपत्र दायर होने के बाद सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई।
विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) जिला जज चम्पावत अनुजकुमार संगल ने सभी पक्षों की दलील,साक्ष्य,गवाह
और दस्तावेजों के आधार पर 4 जुलाई को अभियुक्त
अरुण कुमार (29) निवासी भजनपुर बनबसा को उक्त मामले में दोषी ठहराया गया। गुनाहगार अरुण कुमार को बीएनएस की धारा 137 (2) के अंतर्गत 3 साल की सजा व 10 हजार रुपये जुर्माना,बीएनएस की धारा 87 के अंतर्गत 5 साल की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माना और पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1 लाख रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। अर्थदंड नहीं देने पर तीनों धाराओं में क्रमशः 1 माह, 2 माह एवं 1 वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक
साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केएस राणा द्वारा पैरवी की गई।
