टनकपुर/चम्पावत/पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे दूसरे दल के एक श्रद्धालु का जनपद पिथौरागढ़ के नाभीढांग क्षेत्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यात्री को अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई। उन्हें तुरंत सेना के मेडिकल सेंटर ले जाया गया। गौरतलब है कि इसी दूसरे दल में दो दिन के अंदर यह दूसरी मौत है। इससे पहले कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुक की भी चीन क्षेत्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।
कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर अभी तक 2 दल चीन से वापस भारत लौट चुके हैं। तीसरा दल अभी चीन क्षेत्र में है। चौथा दल तिब्बत के लिए रवाना हो चुका है, जबकि पांचवें दल को रास्ते में बोल्डर गिरने के कारण तवाघाट में रोकना पड़ा है। सड़क ठीक होने के बाद ही दल को आगे भेजा जाएगा।
सांस लेने में हुई परेशानीः
धारचूला एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे दल ने मंगलवार सुबह 08:45 बजे लिपुलेख से भारत में प्रवेश किया। इसी दौरान दल में शामिल यात्री गौरी शंकर खंडेलवाल (63) निवासी 403 गोल्डन टाइम सेंटर, स्पाइन, विद्याधरनगर, जयपुर, राजस्थान को सांस लेने में परेशानी हुई। उन्हें तुरंत सेना के एमआई रूम नाभीढांग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को गुंजी से हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ लाया गया है।
वहीं यात्रा में बतौर कुक की चीन क्षेत्रत्र में हुई थी हार्ट अटैक से मौत दूसरे दल में शामिल कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुक जीवन राम की चीन के गुंफू में सोमवार रात मौत हो गई थी। अल्मोड़ा के छाना खोरकोटा निवासी कुक की मौत का कारण भी हार्ट अटैक बताया गया है। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन धारचूला पहुंचे थे। पोस्टमॉर्टम के बाद कुक जीवन राम का शव परिजन मंगलवार रात को ही धारचूला से अल्मोड़ा ले गए। चीन प्रशासन के मुताबिक, ऑक्सीजन लेवल कम होने से उन्हें दिल का दौरा पड़ा. जिससे उनकी मौत हो गई।
अधिक ऊंचाई के कारण रहती है ऑक्सीजन की कमीः
कैलाश मानसरोवर यात्रा समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर होती है। मानसरोवर झील की ऊंचाई 15 हजार फीट से अधिक है। अधिक ऊंचाई के कारण वहां पर ऑक्सीजन का स्तर कम रहता है। ऐसे में यात्रियों और स्टाफ को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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52 सदस्यीय चौथा दल तिब्बत रवानाः
टनकपुर/चम्पावत। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि मंगलवार सुबह 6:15 बजे कैलाश मानसरोवर यात्रा का चौथा दल केएमवीएन गुंजी से आईटीबीपी की सुरक्षा में लिपुलेख के लिए रवाना हुआ। दल में 33 पुरुष, 17 महिला और 2 सर्विस स्टाफ सहित 52 सदस्य शामिल हैं। इस दल के सदस्यों ने सुबह 08:30 बजे लिपुलेख से तिब्बत (चीन) में प्रवेश किया। दूसरा दल गुंजी से बुदी पड़ाव पहुंच गया है। यह दल कल धारचूला आने के बाद चौकोड़ी जाएगा। पाताल भुवनेश्वर के दर्शन कर अगले दिन अल्मोड़ा के जागेश्वर के लिए रवाना होगा।
मृतक गौरीशंकर खण्डेलवाल (फाईल फोटो)
