टनकपुर/पूर्णागिरि/चम्पावत। इन दिनों चल रहे सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम मेले में देश के कोने कोने से श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम लगातार जारी है। भीषण गर्मी के बावजूद हर रोज करीब 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु देवी दर्शनों को पहुंच पुण्य अर्जित कर रहे हैं। हिन्दू मान्यता के अनुसार तीर्थस्थल में दर्शनों के बाद बच्चों का मुंडन संस्कार शुभ माना जाता है,जिससे बच्चे स्वस्थ व दीर्घायु होते हैं।
उक्त मान्यता के तहत मां पूर्णागिरि धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में अपने बच्चों का मुंडन कराते हैं। धाम क्षेत्र में मुंडन करने हेतु प्रशासन द्वारा हर वर्ष निविदाएं आमंत्रित कर ठेका दिया जाता है। इधर इस वर्ष पूर्णागिरि धाम में मुंडन के नाम पर जमकर लूट की जा रही है। आलम यह है कि ठेकेदार द्वारा निर्धारित दरों से दोगुना तक पैसा वसूला जा रहा है। इस आरोप की तस्दीक अपने बच्चों का मुंडन कराने पहुंच रहे श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही है।
गौरतलब है कि इस वर्ष मेला शुरू होने के साथ ही मुंडन में मेला प्रशासन द्वारा निर्धारित दरों से दोगुने से भी अधिक पैसा वसूलने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। इतना ही नही स्थानीय लोगों द्वारा करीब 5-6 बार उक्त शिकायत को लेकर मेला प्रशासन को ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं मगर अधिकारियों द्वारा अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ताजा जानकारी के मुताबिक रुद्रपुर के श्रद्धालु गंगाधर ने अपने दो बच्चों का मुंडन कराया। जिसके लिए उन्हें 680 रुपये चुकाने पड़े। श्रद्धालु का कहना है कि मुंडन हेतु 400 रुपये काउंटर में, 200 रुपये नाई ने और 80 रुपये न्योछावर के रूप में कुल 680 रुपये देने पड़े। वहीं बरेली से पहुंचे ध्रुवपाल को एक बच्चे के मुंडन के लिए 300 रुपये देने पड़े। ये आरोप दोनों श्रद्धालुओं ने ऑन कैमरा लगाए हैं। जो कहीं न कहीं अवैध वसूली की पुष्टि करते हैं। जिला पंचायत चम्पावत संचालित मेले में इस वर्ष हेतु मुंडन का शुल्क 151 रुपये निर्धारित है। जबकि प्रति मुंडन वसूले जा रहे हैं 300 से 340 रुपये जो निर्धारित राशि से दोगुने रुपये ऐंठने के अलावा न्योछावर के नाम पर वसूली के आरोप लगे हैं। इधर मामले को लेकर ठेकेदार जितेंद्र सिंह महर से संपर्क नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर होगी कार्रवाईःएएमए
टनकपुर/चम्पावत। मुंडन में अधिक दाम वसूले जाने को लेकर जिला पंचायत चम्पावत के एएमए कमलेश बिष्ट ने कहा है कि आरोपों की जांच कराई जा रही है। शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मई 2024 में मुंडन की दरें कम करने के निर्देश दिए थे। एएमए ने बताया कि सीएम के निर्देश के बाद 151 रुपये मुंडन शुल्क को कम कर 101 रुपये कर दिया गया था। वर्ष 2025 में भी बाल मुंडन का शुल्क 101 रुपये था। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत को बाल मुंडन शुल्क के रूप में पिछले साल 80.09 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। इस वर्ष बाल मुंडन का ठेका 1.32 करोड़ रुपये में जितेंद्र सिंह महर के नाम हुआ है। जिस पर जिला पंचायत ने 18 प्रतिशत जीएसटी सहित बाल मुंडन शुल्क 151 रुपये निर्धारित किया है।