टनकपुर/चम्पावत। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चम्पावत का प्रमुख क्षेत्र टनकपुर स्थित उप जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भगवान भरोसे हैं। दरअसल जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है टनकपुर, लेकिन यहां की सेहत के हाल ठीक नहीं है। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर के इस सबसे बड़े सरकारी अस्पताल को खुद इलाज की जरूरत है। आलम यह है कि अस्पताल में न महिलाओं के इलाज की व्यवस्था है और नहीं हड्डी संबंधी उपचार का कोई बंदोबस्त। इसकी वजह विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। और मार टनकपुर-बनबसा क्षेत्र के 55 हजार से अधिक लोगों को भुगतनी पड़ रही है।
चम्पावत जिले के उप जिला अस्पताल टनकपुर में कुछ माह पहले डायलिसिस की सुविधा मिली है। जिले के इस दूसरे डायलिसिस केंद्र से किडनी की परेशानी वाले मरीजों की दुश्वारी जरूर कम हुई है। लेकिन अस्पताल
में कई असुविधाएं भी हैं। एसडीएच में 22 चिकित्सकों के स्थान पर इस वक्त महज 13 की तैनाती है। न गर्भवती महिलाओं के इलाज की पुख्ता व्यवस्था है न हड्डी की चोट का इलाज नहीं जनरल सर्जरी का बंदोबस्त। आपरेशन कक्ष होने के बावजूद निश्चेतक नहीं होने से सर्जरी नहीं हो पा रही है। गायनाकॉलोजिस्ट के नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को न बेहतर इलाज मिल पा रहा है और ना ही जटिल प्रसव
हो पा रहा है। महिलाओं के इलाज के बाद सबसे ज्यादा मरीज हड्डी की परेशानी वाले आते हैं, लेकिन अस्थिरोग विशेषज्ञ की कमी इस इलाज पर भारी पड़ रही है। वैसे एसडीएच में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद भी खाली है।
पड़ोसी देश नेपाल के मरीज भी हैं परेशानः
टनकपुर। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की मार टनकपुर-बनबसा की 55 हजार की आबादी को तो पड़ ही रही है इसके अलावा टनकपुर से लगे पड़ोसी देश नेपाल के आसपास के लोगों को भी निराश होना पड़ रहा है। उन्हें या तो निजी अस्पताल में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है या दूसरे जिलों के सरकारी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
टनकपुर उप जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर:
टनकपुर अस्पताल में दो फिजीशियन पदों के सापेक्ष एक
पर तैनाती,एक सर्जन तैनात,एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात,एक नेत्र सर्जन तैनात,एक पैथोलॉजिस्ट तैनात,एक बालरोग विशेषज्ञ तैनात,एक दन्तरोग विशेषज्ञ तैनात हैं। जबकि चिकित्साधिकारियों के सात के सापेक्ष पांच पदों पर तैनाती है।
वहीं रिक्त पदों की बात करें तो गायनाकोलॉजिस्ट के दो, फिजिशियन का एक, अस्थिरोग विशेषज्ञ का एक, निश्चेतक का एक, ईएनटी: का एक, चर्मरोग विशेषज्ञ का एक,दो पद
चिकित्साधिकारियों के रिक्त हैं।
कोटः
टनकपुर एसडीएच में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली होने से दिक्कत आ रही हैं। 6 विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित कुल 8 रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को नियमित रूप
से पत्र भेजे जा रहे हैं।
डॉ. घनश्याम तिवारी,
चिकित्साधीक्षक, एसडीएच।
टनकपुर उप जिला अस्पताल व डायलिसिस रूम।