टनकपुर/चंपावत। चम्पावत पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। मामले में सक्षम प्राधिकरण (SAFEMA Court) नई दिल्ली ने संपत्ति जब्ती/फ्रीज करने के आदेश जारी किए थे।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 12 जुलाई 2025 को अभियुक्ता ईशा विश्वकर्मा के कब्जे से करीब 5.688 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग (मेफेड्रोन) बरामद की गई थी। मामले की विवेचना के दौरान राहुल कुमार, कुणाल कोहली, विशाल नरेंद्र भंडारी, ओम जय गोविंद गुप्ता, उपेंद्र सुरेंद्र यादव और अमर कुमार कोहली के नाम सामने आए। जांच में पता चला कि ये आरोपी जनपद पिथौरागढ़ के पंगरोली-सुआलेख क्षेत्र में नशीले पदार्थों को तैयार करने और उनकी तस्करी में संलिप्त थे। पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए हैं। वित्तीय जांच में आरोपितों के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन और नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों का खुलासा हुआ।
जांच में आरोपितों के बैंक खातों में जमा धनराशि के अलावा एक स्विफ्ट डिजायर और एक एमजी हेक्टर कार को भी फ्रीज किया गया है। जब्त संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस द्वारा धारा 68(F) एनडीपीएस एक्ट के तहत सक्षम प्राधिकरण, नई दिल्ली के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके बाद SAFEMA कोर्ट ने संपत्तियों को फ्रीज/जब्त करने के आदेश पारित किए। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन संपत्तियों की नीलामी भी की जाएगी।
उक्त कार्रवाई में उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट और महिला आरक्षी अंकिता पाठक की विशेष भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कहा कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त कर जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए आगे भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।