टनकपुर/चम्पावत। गत दिवस रविवार को वन विभाग ने दावा किया था कि अब यहां AI तकनीक वन्य जंतुओं के खतरे से बचाव करेगी, लेकिन दावों के विपरीत न खतरे कम हुए और नहीं गजराज की दहशत। 2-3 मई की रात गजराज ने पूर्णागिरी मार्ग के पास के जंगल से लगे गांवों में चार जगह उत्पात मचा दुकान से लेकर खेत तक को नुकसान पहुंचाया।
गत रात्री 3-4 मई को लगातार दूसरे दिन पूर्णागिरि मार्ग पर हाथी द्वारा ग्रामीण दीवान सिंह महर की झोपड़ी और चैनल तोड़ा और गैडाखाली नंबर 1 में जगत राम के घर के भीतर रखा राशन खा गया। हाथी की दस्तक से अब पूर्णागिरि मेले में आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं वन विभाग का दावा है कि ड्रोन से हाथी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी गई है। हाथी को गांवों से दूर सेनापानी के जंगलों में भगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सुनील शर्मा के मुताबिक फिलहाल 40 वन कर्मी हाथी की खोज में जंगल में घूम रहे हैं। बताया कि गैडाखाली व उचौलीगोठ के कई स्थानों पर कैमरा लगाए गए हैं। जिससे आसपास हाथी दिखाई देने पर सुरक्षा बरती जा सकती है। वन विभाग के मुताबिक हाथी को करीब 30 किलोमीटर दूर सेनापानी की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हाथी द्वारा तोड़े गए भवन व बर्बाद किया सामान।