टनकपुर/चम्पावत। मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर स्थित ग्राम उचौलीगोठ और गेंडाखाली में पिछले लम्बे समय से हाथी का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दिनों इन गांव में उत्पात मचा गेंहू की फसल रौंदने के बाद अब हाथी सब्जी पौधों के साथ कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। गत गुरुवार की रात हाथी ने उचौलीगोठ गांव में घुसकर फलदार पौधों एवं खेतों में लगाई गई सब्जी को तहस-नहस कर दिया।
गत देर रात हाथी ने पूर्व प्रधान सुरेश सिंह महर का गेट का दरवाजा तोड़कर अंदर रखे सामान को खासा नुकसान पहुंचाया। इधर ग्राम उचौलीगोठ टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष आनंद सिंह महर ने बताया कि हाथी ग्रामीाणों के साथ-साथ मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी खतरा बना हुआ है, लेकिन वन विभाग इससे निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। महर ने कहा कि हाथी के आतंक से जल्द छुटकारा नहीं दिलाया गया, तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने बताया कि डर के कारण ग्रामीण शाम होते ही बाजार से जल्दी घर लौट आ रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जगह-जगह खराब पड़ी सोलर फेंसिंग को भी दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं होने से उनके पक्ष का पता नहीं चल सका है।
गौरतलब है कि हाथी कॉरिडोर में बूम,शारदा और दोगाड़ी रेंज का हिस्सा आता है। उधर बूम रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गुलजार हुसैन ने बताया कि पूर्णागिरी धाम क्षेत्र के तीर्थ यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय टीम के गश्त करने के साथ ही सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। कहा कि हाथी गलियारा होने से इस इलाके में अक्सर हाथी दिखते हैं। ऐसे में लोगों के साथ हाथी को भी नुकसान न हो, इसके लिए सभी चौकसी बरती जा रही हैं।
इधर वन विभाग का कहना है कि विभाग की टीम संवेदनशील स्थानों पर गश्त कर रही है। विभाग द्वारा सोलर फेंसिंग को जानबूझकर खराब करने वाले अनजान लोगों की शिनाख्त कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई आमल में लाई जाएगी।
गत रात्रि ग्राम उचौलीगोठ क्षेत्र में घुस रहा गजराज।