टनकपुर/चंपावत/पूर्णागिरि । इन दिनों यहां चल रहे मां पूर्णागिरि धाम मेले में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था चरमराई हुई है। इधर पेयजल सम्बंधित विभाग द्वारा संकट के लिए कभी हाथी, तो कभी मौसम को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। विभागीय लापरवाही से पूर्णागिरी मेले क्षेत्र में टुन्नास सहित कई हिस्सों में पानी का संकट गहरा गया है। पेयजल संकट के कारण तीर्थ यात्री,धर्मशाला संचालन और व्यापारिक सुविधाओं पर खासा असर पड़ रहा है। पेयजल समस्या का संज्ञान ले पूर्णागिरि मेला समिति व क्षेत्रीय झन प्रतिनिधियों द्वारा मेला क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की गई है।
मालूम हो कि गत 27 फरवरी से शुरू हुए मां पूर्णागिरि धाम मेले में अब तक 14.85 लाख श्रद्वालु देवी दर्शनों को आ चुके हैं। पिछले 24 घण्टों में ही 22500 तीर्थयात्री यहां पहुंच चुके हैं। हालांकि मेला क्षेत्र की व्यवस्थाएं लगभग संतोषजनक हैं, लेकिन पिछले 3 दिनों से मेला क्षेत्र के बड़े हिस्से में पेयजल संकट बना हुआ है। खासकर भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक के पैदल क्षेत्र में टुन्नास सहित कई क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। इससे श्रद्वालुओं से लेकर धर्मशाला संचालक और अन्य व्यापारियों को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।
गत वर्षों के मुकाबले बेहतर है व्यवस्थाःईई
पेयजल संकट को लेकर जल संस्थान के चंपावत डिवीजन के ईई (अधिशासी अभियंता) आरपी डोबाल का कहना है कि मेला क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था के लिए पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ठुलीगाड़, जलकुनिया,भवानीगाड़ और निगालीगाड़ से पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने माना कि कुछ जगह हाथी या पत्थर की चपेट में आने से योजना प्रभावित हुई है। बताया कि मेला क्षेत्र में व्यवस्था के लिए ठुलीगाड़ में 1 टैंकर के अलावा जगह-जगह पानी के टैंक और अन्य प्रबंध भी किए गए हैं।
इधर विभाग की अवर अभियंता(जेई)जिन्हें मेला क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है का कहना है कि'मैं नई हूं, मुझे अभी ज्यादा आइडिया नहीं ज़ाहिर है, ऐसे जवाब मेला क्षेत्र की व्यवस्था को तो बेहतर बनाने से रहे।
क्या कहते हैं प्रधान व मेला कमेटी अध्यक्षः
पूर्णागिरी (कालीगूंठ) के ग्राम प्रधान पंकज तिवारी का कहना है कि पूर्णागिरि मेला जनपद चम्पावत का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है लेकिन पेयजल व्यवस्था मेलावधि में अक्सर गड़बड़ाते रही है। पिछले 4 दिनों से दिक्कतें बढ़ी हैं। अव्यवस्था की वजह से श्रद्घालुओं से लेकर धर्मशाला संचालक और अन्य कारोबारियों को परेशानी बढ़ी है। इस स्थिति में जल्द से जल्द सुधार किया जाना चाहिए।
वहीं समस्या को लेकर मां पूर्णागिरी मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मेले की बेहतर व्यवस्था के लिए पेयजल आपूर्ति सुचारू होना जरूरी है। बीते कुछ दिनों से पानी की किल्लत की शिकायतें आईं हैं। इन दिक्कतों का शीघ्र समाधान कर व्यवस्था को सुचारू किया जाए।
क्या कहा पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदारः
पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार योगेश का कहना है कि आम तौर पर मेला क्षेत्र में पानी की व्यवस्था दुरस्त है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से हाथी ने निगालीगाड़ सहित कई जगह पेयजल लाइनों को क्षतिग्रस्त किया है। इसके अलावा कल 30 अप्रैल को बारिश से पेयजल स्रोत वाले गधेरों में मलबा और पत्ते आ गए जिस कारण व्यवस्था बाधित हुई है। कहा कि योजना की मरम्मत कराई जा रही है। चार टीमें अलग-अलग स्थानों ठुलीगाड़, केलाड़ीगाड़ एवं निगालीगाड़ में भेजी गई है। बताया कि जल्द ही व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।
पूर्णागिरि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल लाईन ठीक करता कर्मचारी।