टनकपुर/पूर्णागिरी धाम। इन दिनों यहां चल रहे सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम मेले में देश भर से श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम लगातार जारी है वहीं इन दिनों पड़ोसी देश नेपाल से भी खासी संख्या में श्रद्धालु पहुंच देवी दर्शन कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। इसी बीच मां पूर्णागिरि के दर्शन कर लौट रही नेपाल की एक महिला को यात्रा मार्ग में एकाएक प्रसव पीड़ा हुई। जिसकी सूचना उसके द्वारा साथ चल रही महिलाओं को दी गई। इसी बीच आननफानन में परिजनों की मदद से महिला का प्रसव कराया गया। प्रसूता द्वारा एक पुत्र को जन्म दिया गया। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा को स्ट्रेचर की मदद से नीचे भैरव मंदिर सड़क तक लाया गया।
इस बावत मां पूर्णागिरी (कालीगूंठ) के ग्राम प्रधान पंडित पंकज तिवारी ने बताया कि नेपाल निवासी अंजलि (20) अपने पति राम बंगाली और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मां पूर्णागिरि देवी के दर्शन के लिए पहुंची थी। गत बुधवार पूर्वान्ह दर्शन कर लौटते समय वह जब काली मां मंदिर पहुंचे, तो अंजलि को तीव्र प्रसव पीड़ा हुई। जिस पर काली मंदिर के पास की एक धर्मशाला में सभी लोग रूक गए। इस बीच साथ में आई महिलाओं की मदद से महिला का वहीं प्रसव कराया गया। जिसमें महिला कांस्टेबल उषा द्वारा भी सहयोग किया गया। प्रसव के बाद मौके पर पहुंची SDRF ने महिला को 3 किलोमीटर तक स्ट्रेचर से भैरव मंदिर तक पहुंचाया। भैरव मन्दिर टैक्सी स्टेंड से एंबुलेंस द्वारा उक्त महिला को टनकपुर से लगी नेपाल सीमा पर छोड़ा गया। इस दौरान पैरामेडिकल कर्मी जगदीश बसेड़ा द्वारा प्रसूता को प्राथमिक इलाज दिया गया। चिकित्सकीय टीम द्वारा बताया गया कि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं।
प्रसूता के साथ स्वास्थ्य कर्मी व परिजन।