टनकपुर/चम्पावत। एक ओर जहां डीएम मनीष कुमार के प्रयासों से जनपद चंपावत की सेहत संवारने के लिए MRI (मैग्रेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) मशीन लग रही है। कुमाऊं के पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में CSR (कॉर्पोरेट सोशियल रिस्पांसिबिलटी) से चंपावत के क्रिटिकल केयर ब्लॉक में इस मशीन को लगाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर चंपावत जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर स्थित उप जिला अस्पताल में आपात काल के दौरान एक अदद एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ऐसा ही एक वाकिया गत रात्रि टनकपुर में घटित हुआ जहां डंपर की चपेट में आने से जख्मी हुए उत्तर प्रदेश के दो लोगों में से एक को इसी अव्यवस्था की वजह से निजी अस्पताल में एक्सरे कराने को मजबूर होना पड़ा। गत 13 अप्रैल रात्रि करीब 9 बजे टनकपुर-सितारगंज एनएच पर सब्जी बेच ठेलों के साथ वापस ग्राम बिचई स्थित अपने घर लौट रहे अशोक मौर्य (32) पुत्र रामभरोसे और कुंवर पाल मौर्य (45) पुत्र जीवन दोनों निवासी बिलासपुर जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश सब्जी विक्रेताओं को एक ट्रक सं.(HR 37 F/4338) ने टक्कर मार दी। दोनों ही सब्जी विक्रेता बिचई में किराए में खेत लेकर सब्जी का उत्पादन करते हैं। टक्कर से दोनों बुरी तरह घायल हो गए। उक्त घटना की सूचना मौके से गुजर रहे अंकितबाल्मीकि,निखिल प्रजापति देवेंद्र यादव,निखिल प्रजापति,आनंदयादव,भावित भट्ट,शुभम भट्ट,आदिल रहमान और अमीम रहमान द्वारा टनकपुर पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा घायलों को उप जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डा.आफताब आलम और अन्य चिकित्सा स्टाफ ने उनका इलाज किया। घायलों की स्थिति में सुधार है।
इधर चोट के चलते चिकित्सकीय स्टाफ के कहने पर कुंवर पाल मौर्य का एक्सरे होना था। लेकिन आज 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती की छुट्टी होने से अस्पताल की OPD बंद थी। इस वजह से उप जिला अस्पताल में एक्सरे नहीं हो सका। और कुंवर पाल को निजी अस्पताल में एक्सरे कराने को मजबूर होना पड़ा। जिसमें गरीब को खासी रकम चुकानी पड़ी।
'न एक्सरे की जरूरत थी और न बाहर से एक्सरे कराया गयाः' CMO चम्पावत
टनकपुर/चंपावत। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान का कहना है कि टनकपुर सहित चंपावत जिले के सभी बड़े अस्पतालों में OPD के अलावा इमरजेंसी में एक्सरे की सुविधा है। टनकपुर उप जिला अस्पताल में एक्सरे नहीं होने की जानकारी लगने पर उन्होंने इमरजेंसी में तैनात स्टाफ से बात की। बकौल CMO स्टाफ ने उन्हें बताया कि न तो एक्सरे की जरूरत थी और नहीं बाहर से एक्सरे कराया गया है। ऐसे में सवाल उठता है बिना चिकित्सकीय स्टाफ के कहने पर घायल बाहर जाकर खासी रकम चुका कर एक्स -रे क्यों करवाता ? वहीं एक्स-रे रिपोर्ट में एक घायल के पैर की उंगली टूटी हुई बताई गई है।
टनकपुर अस्पताल में भर्ती दोनों घायल।