टनकपुर/चम्पावत। उप जिला अस्पताल टनकपुर में एक मरीज के तीमारदारों पर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक व स्टॉफ से अभद्रता और धमकाने के अलावा चिकित्सकीय कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगा है। इसे लेकर मुख्य चिकित्साधीक्षक ने टनकपुर कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चिकित्साधीक्षक डॉ. घनश्याम तिवारी द्वारा कोतवाली में भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 31 मार्च की देर रात रोडवेज स्टेशन के नजदीक रहने वाले एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार हेतु स्थानीय उप जिला चिकित्सालय लाया गया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक व स्टाफ के मुताबिक बीमार व्यक्ति को खून की उल्टी हो रही थी। इलाज के बाद बीमार व्यक्ति की स्थिति में सुधार होने पर चिकित्सक एवं नर्सिंग अधिकारी इमरजेंसी में भर्ती अन्य मरीजों का इलाज करने लगे। इसी दौरान मरीज के साथ पहुंचे करीब 25-30 लोग डॉक्टर एवं महिला चिकित्सकीय स्टाफ से सिर्फ अपने मरीज को देखने के लिए जबरदस्ती करने लगे। इतना ही नहीं वो लोग इमरजेंसी में तैनात महिला कर्मियों की फोटो और वीडियोग्राफी भी करने लगे। अस्पताल स्टॉफ के समझाने पर तीमारदार गाली गलौच करने के अलावा जान से मारने की धमकी देने लगे।
चिकित्साधीक्षक डॉ.घनश्याम तिवारी के मुताबिक इसके चलते चिकित्सकीय कार्यों में बाधा भी पैदा हुई। मरीज के साथ पहुंचे लोगों के इस व्यवहार से डयूटी में तैनात अधिकारी व कार्मिकों में भय हैं। पत्र में इस मामले में कारवाई करने का पुलिस से आग्रह किया गया है। उक्त मामले में सीएमएस ने कोतवाली के अलावा डीएम,एसपी व सीएमओ को भी पत्र की प्रति भेजी है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली टनकपुर चेतन रावत द्वारा उक्त मामले की जांच उप निरीक्षक तेज कुमार को सौंपी गई है उन्होंने बताया कि जांच के प्रथम चरण में चिकित्सकीय स्टाफ व मरीज के परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं।