टनकपुर/चम्पावत। गत 26 मार्च को चकरपुर क्षेत्र में एलपीजी गैस वितरण की समस्या को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग का वीडियो खबर कवरेज करने पर क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के खिलाफ खटीमा पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर कर दिया गया था। उक्त क्षेत्र के ही सत्तापक्ष के एक भाजपा नेता की तहरीर पर खटीमा पुलिस द्वारा बगैर जांच के मुकदमा दर्ज किये जाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय पत्रकारों में खासा आक्रोश है।
पुलिस की उक्त कार्रवाई से गुस्साए टनकपुर व बनबसा क्षेत्र के पत्रकारों ने टनकपुर तहसील प्रशासन को स्थानीय विधायक व प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सम्बोधित एक ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच करा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की मांग की हैं। मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि गैस की किल्लत जैसी जनहित से जुड़ी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित करने पर वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के विरुद्ध एक भाजपा नेता की तहरीर पर खटीमा पुलिस द्वारा बिना समुचित जांच के आनन-फानन में मुकदमा दर्ज किया गया है जो न्याय संगत नहीं है। उक्त घटना न केवल एक पत्रकार के व्यक्तिगत उत्पीड़न का मामला है,बल्कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले कि प्रयास है। पत्रकारों ने सवाल उठाया है कि क्या जनसमस्याओं को निष्पक्षता और निर्भीकता से उजागर करना अपराध है? सभी पत्रकारों ने वारिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच अन्य जिले की पुलिस से कराये जाने की मांग की हैं।
पत्रकारों का कहना है कि खटीमा पुलिस द्वारा सत्ताधारी दल के पदाधिकारी की शिकायत पर बिना साक्ष्यों की पुष्टि किये पत्रकार दीपक फुलेरा पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाता हैं, ऐसे में खटीमा पुलिस से निष्पक्ष जाँच की उम्मीद करना बेमानी होंगी साथ ही जांच पूरी होने तक मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने और प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा एवं स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु ठोस नीति बनाये जाने की मांग की हैं। पत्रकारों का कहना है कि भविष्य में भी पत्रकारों के विरुद्ध किसी भी शिकायत पर तब तक मुकदमा दर्ज न किया जाए जब तक कि राजपत्रित अधिकारी से मामले की जांच न करा ली जाए।
ज्ञापन में बाबूलाल यादव,दिनेश खर्कवाल,भुवन पाटनी,देवेन्द्र देवा,ललित मोहन भट्ट,दीपक धामी,कुन्दन सिंह,मयंक पन्त,पुष्कर सिंह,शुभम गौड़,विनोद जोशी,वीके शुक्ला,राजीव मनराल आदि पत्रकारों के हस्ताक्षर हैं।