टनकपुर/चम्पावत। गत 26 मार्च को चकरपुर में गैस सिलिंडर आपूर्ति से संबंधित कवरेज किए जाने को सरकार की छवि धूमिल करने और भ्रामक खबर चलाने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता कमलदीप सिंह राणा ने कोतवाली में तहरीर दी थी। जिस पर 27 मार्च को खटीमा कोतवाली में पत्रकार दीपक फुलेरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (1) (बी) मुकदमा दर्ज किया गया था।
पत्रकार दीपक फुलेरा पर खटीमा पुलिस द्वारा भाजपा नेता की तहरीर पर दर्ज किये गए मुकदमे पर स्थानीय पत्रकारों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। अध्यक्ष बाबूलाल यादव की अध्यक्षता व महासचिव दिनेश खर्कवाल के संचालन में यहां आयोजित बैठक में भाजपा नेता की तहरीर और पुलिस कार्यवाही की तीखी निंदा की गई साथ ही आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। पत्रकारों ने कहा कि खटीमा प्रशासन की नजरों में सच दिखाना ही सबसे बड़ा अपराध हो गया हो। गैस किल्लत की खबर दिखाने वाले पत्रकार दीपक फुलेरा पर भाजपा नेता की तहरीर क्या आई, पुलिस ने बिना देर किए मुकदमा ठोक दिया। उक्त मामले में पुलिस की जांच बाद में और कार्रवाई पहले की गई है जो पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े करता है। सीमांत पत्रकार संगठन की आपातकालीन बैठक में पुलिस के इस रवैये पर आक्रोश व्यक्त किया गया। पत्रकारों ने दो टूक कहा अगर दो दिन के भीतर सच्चाई सामने नहीं आई, तो सोमवार को आंदोलन शुरू किया जायेगा। पत्रकारों का सवाल है कि आखिर यह कार्रवाई सच को दबाने की कोशिश है या फिर किसी और खेल का हिस्सा? बैठक में अध्यक्ष बाबूलाल यादव, महासचिव दिनेश खर्कवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भुवन पाटनी, सचिव विनय शुक्ला, कोषाध्यक्ष मयंक पंत, मीडिया कोऑर्डिनेटर विनोद पाल, देवेन्द्र यादव सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।