टनकपुर/चम्पावत। गत बुधवार पूरे दिन हुई मूसलाधार बारिश के बीच पैदल मार्ग पर भेडों के साथ जंगल में रुके भेड़पालकों की 27 भेड़ों की बारिश के कारण मौत हो गई थी। वे इन भेड़ों को बस्तिया चंपावत से दारमा (धारचूला) जिला पिथौरागढ़ लेकर जा रहे थे। इतनी बड़ी संख्या में हुई भेड़ों की मौत से इन भेड़पालक (गडरिया) को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिला आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक उनकी 27 भेड़ों की मौत हो गई। सूचना पर जिला प्रशासन द्वारा घटना स्थल पहुंच मृतक भेड़ों का पोस्टमार्टम करवा प्रभावित भेड़पालक को 96 हजार रुपए की मुआवजा राशि प्रदान की गई।
धारचूला ग्राम वाल कालिका नई बस्ती निवासी भगत सिंह चलाल अपनी 500 से अधिक भेड़ों को बस्टिया से धारचूला की ओर ले जा रहे थे। इस दौरान यात्रा मार्ग पर बुधवार की रात में वे लोहाघाट के बलाई के जंगल में ठहरे हुए थे। इसी बीच मूसलधार बारिश के चलते रात में ही उनकी 27 भेड़ों की मौत हो गई। उन्होंने घटना की जानकारी आपातकालीन परिचालन केंद्र के अलावा सीएम कैंप कार्यालय चम्पावत के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल को दी। जिसका संज्ञान ले राजस्व विभाग एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर भेड़ों का पोस्टमार्टम किया।
भेड़ों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि लगातार हुई वर्षा के कारण प्रतिकूल परिस्थितियों में भेड़ों की मौत हुई है। डीएम चम्पावत मनीष कुमार के निर्देश पर राजस्व विभाग ने प्रभावित भेड़ पालक को गुरुवार 9 अप्रैल को मुआवजा दिया। इस बीच लोहाघाट की एसडीएम नीतू डांगर ने भेड़पालक को 96 हजार रुपए का चेक स्वयं प्रदान किया।
फोटो - भेड़पालकों को मुआवजा देती प्रशासनिक टीम।