टनकपुर/चम्पावत। शहर क्षेत्र स्थित रामलीला मैदान में नवयुवक रामलीला कमेटी टनकपुर के तत्वावधान में आयोजित दशहरा महोत्सव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम की महिमा का श्रवण किया। कथा व्यास दिव्यांशी किशोरी ने दोनों भगवानों के जीवन चरित्र और उनके आदर्शों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
इस दौरान कथा व्यास दिव्यांशी किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म की स्थापना, भक्ति, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य को धर्म और सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरित्र और मर्यादा का वर्णन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्य, सत्य, संयम और मर्यादा का प्रतीक है। उनके आदर्श वर्तमान समय में भी समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम की महिमा के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए।
