टनकपुर/बनबसा/चम्पावत। चंपावत जिले के प्रवेश द्वार मैदानी क्षेत्र बनबसा की नगर पंचायत बोर्ड के सभी सातों सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सामूहिक इस्तीफे का पत्र सौंपा है। 3 अक्टूबर को क्षेत्र के दौरे पर टनकपुर पहुंचे मुख्यमंत्री को पत्र दे इन सदस्यों ने नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी पर जनहित के कार्यों में टालमटोली, मनमाने निर्णय का आरोप लगाया है।
सभासदों नें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ड संख्या 4, 5 एवं 6 के मीना बाजार एवं नई बस्ती क्षेत्र में लंबे समय से निवास कर रहे गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की समस्या और कैनाल द्वारा बेदखली के तुगलकी फरमान की निंदा करते हुए उनके आशियाने बचाये जाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौपा, जिसमे कैनाल विभाग द्वारा जारी 21 दिनों के बेदखली नोटिसों पर तत्काल पुनर्विचार कराने तथा नियमितीकरण एवं आवासीय अधिकारों के संबंध में उचित निर्णय होने तक परिवारों को उनके घरों से हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों के हित में नियमानुसार नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने तथा उक्त बस्ती को नियमानुसार मलिन बस्ती के रूप में घोषित/विनियमित करने का अनुरोध किया गया। सभासदों ने बेदखली नोटिसों पर मानवीय एवं विधिक दृष्टिकोण से पुनर्विचार किए जाने की भी मांग रखी।
पत्र में सभासदों ने जन हित के कार्य एवं लोगों की शिकायतों के निस्तारण में देरी, टालमटोली एवं अनदेखी करने के सभासदों ने आरोप लगाए हैं। सभासदों ने कहा कि इन परिस्थितियों में काम करना मुमकिन नहीं लगता, ऐसे में वे सभी सातों सदस्य सामूहिक रूप से इस्तीफा देने को मजबूर हैं।
इन सभासदों के हैं हस्ताक्षरः
सामूहिक इस्तीफे एवं ज्ञापन पर नगर पंचायत बनबसा के
वार्ड संख्या 1 से मनीषा भट्ट, वार्ड संख्या 2 से योगेश चन्द, वार्ड संख्या 3 से मोहन सिंह, वार्ड संख्या 4 से कमल गुप्ता, वार्ड संख्या 5 से काजल, वार्ड संख्या 6 से लक्ष्मी कश्यप तथा वार्ड संख्या 7 से मनोज कुमार कश्यप सभी सभासदों के हस्ताक्षर हैं।
टनकपुर स्टेडियम में सीएम धामी को सामूहिक इस्तीफा सौंपते बनबसा के सभासदगण।
