टनकपुर/चंपावत। अपराध का स्वरूप भले ही बदला हो, कानून अब और भी सख्त है। बेटियां हर अपराध का प्रतिकार करेें, कानून उनके साथ सख्ती से खड़ा है। यह बात राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की ओर से डा. एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर में स्टाकिंग एवं साइबर स्टाकिंग रोकथाम संबंधी जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कही।
उन्होंने कहा कि न्याय का पहला कदम डर नहीं, बल्कि आवाज़ उठाना है। कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यशाला नहीं, बल्कि नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और डिजिटल स्वाभिमान का जनसंकल्प है। आधुनिक तकनीकी युग में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, लेकिन डिजिटल दुनियां में अपराध का स्वरूप भी बदल गया है, पहले पीछा गलियों में होता था, आज मोबाइल की स्क्रीन पर होता है। पहले धमकी आमने-सामने दी जाती थी, आज फर्जी प्रोफाइल से दी जाती है। पहले बदनामी मोहल्ले तक सीमित थी, आज एक क्लिक में पूरी दुनिया तक पहुंच जाती है।
कुसुम कंडवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य में महिलाओं हेतु सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, सशक्त बहना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना और तीन लाख से अधिक लखपति दीदियों का तैयार होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला स्वावलंबन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। दर्जा राज्य मंत्री किरन देवी एवं हेमा जोशी ने महिला आयोग की इस पहल की सराहना की। उप जिला चिकित्सालय, टनकपुर की सर्जन डा. प्रभा जोशी, महिला हेल्पलाइन प्रभारी, महिला उपनिरीक्षक सिमरन, वन स्टाप सेंटर चंपावत की केन्द्र प्रशासिका व अधिवक्ता ऋतु सिंह ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का मंच संचालन कल्पना आर्य ने किया। इस अवसर पर लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गई।
ज्ञान व नवाचार के लिए करें तकनीकी का उपयाेगःमंडोरिया
टनकपुर। कार्यशाला में संस्थान के निदेशक प्रो. हरिद्वारी लाल मंडोरिया ने महिला आयोग का इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीकी युग में जहां डिजिटल प्लेटफार्म ने जीवन को सरल बनाया है, वहीं साइबर स्टाकिंग और निजता का हनन एक गंभीर सामाजिक व डिजिटल चुनौती बन चुका है। उन्होंने तकनीकी युवाओं से अपील की कि वे तकनीक का उपयोग ज्ञान व नवाचार के लिए करें न कि उत्पीड़न के लिए, और किसी भी गलत गतिविधि पर मूकदर्शक न बनकर तुरंत सहयोग करें। पुलिस उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट ने स्टाकिंग एवं साइबर स्टाकिंग के दुष्प्रभावों और तकनीकी रोकथाम पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में ये रहे मौजूद
कार्यशाला में राज्य महिला आयोग सदस्य रचना जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजवाल प्रकाश, निजी सचिव आधार वर्मा, रुचि धस्माना, दीपा जोशी, सुनीता मुरारी, बबीता गोस्वामी, तुलसी कुंवर, रीता कुलकोड़िया, सरोज चंद, बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेंद्र बिष्ट, मोहन बिष्ट आदि मौजूद रहे।
टनकपुर इन्जीनियरिंग कालेज में आयोजित कार्यशाला में मौजूद लोग।
