टनकपुर/लोहाघाट/चम्पावत। लोहाघाट स्थित ग्राम सभा पाटन व राईंकोट महर गांव से आज अष्टमी को उठे मां भगवती व मां कालिका के रथों को खड़ी चढ़ाई पार कर रस्सों के सहारे ऊंची चोटी में स्थित मां झूमाधुरी मंदिर ले जाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने रथों के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। रस्सों को खींचने में हर आयु के लोगों में होड़ लगी रही। इस दौरान महिलाएं मां का जयकारा लगाते हुए देव आधारित मंगल गीतों को गायन कर रही थीं।
खुशगवार मौसम के बीच निकले देवी रथों के दर्शनों के लिए सुबह से ही दूरदराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। झूमाधुरी मंदिर में दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चला। विधि-विधान से रथों को सजाने के बाद पहला रथ पाटन-पाटनी गांव के पालदेवती मंदिर अपरान्ह 2:30 बजे और दूसरा रथ राईंकोट महर गांव से झूमाधुरी मंदिर ले जाया गया। मंदिर पहुंचते ही पूरी पहाड़ी मां के जयकारों से गुंजायमान हो गई। पाटन-पाटनी के देवी रथ मां भगवती के रूप विनीत पाटनी और धन सिंह पाटनी सवार थे। राइकोट के देवी रथ में मां भगवती के रूप में दान सिंह, कालिका के रूप में राधिका देवी सवार थे। देवी रथ में सवार भगवती और कालिका देवी डांगरों ने श्रद्धालुओं को चंवर गाय की पूंछ लगाकर व अक्षत मारकर आशीर्वाद दिया। रास्तों में जगह जगह भारी संख्या में एकत्र महिलाओं ने अक्षत पुष्प से रथों की पूजा-अर्चना की। देव डांगरों ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। झूमाधुरी मंदिर की परिक्रमा के बाद रथों को परंपरा के अनुसार विसर्जित किया गया। मेला समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी ने सभी का आभार जताया।
मेले के दौरान युवाओं सहयोग:
टनकपुर/लोहाघाट/चंपावत। मां झूमाधुरी मेले को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए थानाध्यक्ष लोहाघाट ओम प्रकाश के दिशानिर्देश में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी। इस दौरान स्थानीय युवकों द्वारा भी सहयोग किया गया।
खूब हुई खरीदारी व्यापारी खुश। टनकपुर/लोहाघाट/चम्पावत । झूमाधुरी मेले के दौरान रथों को गुजरने वाले रास्तों एवं मंदिर परिसर में स्थानीय व्यापारियों के अलावा दूरदराज से पहुंचे छोटे व्यवसाईयों ने दुकानें लगा रखीं थीं जिनमें महिलाओं और बच्चों ने जमकर खरीदारी की। मौसम का मिजाज ठीक रहने से व्यवसाइयों से हुई जमकर खरीदारी से उनके चेहरों में खुशी देखी गई।
लोहाघाट के झूमाधूरी मेले का दृश्य।
