टनकपुर/चंपावत। जिला मुख्यालय चम्पावत में आयोजित नंदा-सुनंदा महोत्सव में बाजार क्षेत्र में मां नंदा-सुनंदा की शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान बहुआयामी संस्कृति पर आधारित स्कूली बच्चों की झांकी को खूब सराहा गया । आज गुरुवार सुबह झांकी का शुभारंभ बालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
नंदा-सुनंदा की शोभा यात्रा के साथ मुख्यालय के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर नगर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए झांकी निकली। जिसमें क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर व लोक परंपराओं का प्रदर्शन किया गया। सुबह पंडित गिरीश चंद्र कलौनी,दीपक कुलेठा, विनोद पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कराई। मुख्य यजमान प्रकाश चौधरी,एनडी गड़कोटी, निर्मल पुनेठा और शंकर रावल रहे। पूजन के बाद जयकारों के बीच शोभायात्रा और झांकी निकाली गई। कार्यक्रम में बतौर अतिथि पहुंचे डीएम मनीष कुमार ने मंदिर में पूजा अर्चना की और जिले की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। डीएम ने बालेश्वर मंदिर समिति को मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन किट भेंट किए। कहा कि यह पारंपरिक महोत्सव हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है।
मौजूद थे ये लोग:
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष विजय वर्मा,मंदिर के महंत प्रकाश गिरी,दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराना,निदेशक केएमवीएन रोहित बिष्ट, भाजपा के वरिष्ठ नेता एडवोकेट शंकर दत्त पांडेय,बहादुर सिंह फर्त्याल,व्यापार मंडल अध्यक्ष विकास साह, प्रकाश पांडेय, देवेंद्र वर्मा, मयूख चौधरी, दीपक वर्मा, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन राजेंद्र गहतोड़ी, सूरज प्रहरी, कमल पटवा,तुषार वर्मा,अंकित पांडेय,प्रखर वर्मा,नितिन साह,बसंत वर्मा,प्रकाश पटवा,विनोद वर्मा,एडवोकेट डॉ.श्याम सिंह कार्की आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं:
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित नंदा-सुनंदा महोत्सव की बधाई देते हुए सफल आयोजन की कामना की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा
है कि मां नंदा-सुनंदा देवभूमि उत्तराखंड की अगाध आस्था, देव संस्कृति और जन आकांक्षाओं की प्रतीक हैं। इस तरह के पारंपरिक और आयोजन हमारी पौराणिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। सीएम ने प्रदेश में सुख,समृद्धि और आरोग्य की कामना की है।
नंदा-सुनंदा महोत्सव का नजारा।
