टनकपुर/चंपावत/लोहाघाट/पाटी/बाराकोट। संगठन के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 10 सूत्रीय मांगों के निराकरण नहीं होने के विरोध में जनपद चम्पावत के ग्राम प्रधान संगठन ने ब्लॉक कार्यालयों में तालाबंदी की। इस दौरान चंपावत जिले में लोहाघाट,पाटी विकासखंड कार्यालय में कुछ देर तालाबंदी की गई। ग्राम प्रधान संगठन के लोहाघाट ब्लॉक अध्यक्ष पवन भट्ट और प्रदेश उपाध्यक्ष अमर सिंह कोटियाल के नेतृत्व में आज 16 सितंबरकोब्लॉक कार्यालय में विरोध जताते हुए ताला ठोंका गया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभ कामनाएं देने के बाद ग्राम प्रधानों ने कहा कि ग्राम प्रधान संगठन 10 सूत्रीय मांगों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। मांगों को लेकर आज ग्राम प्रधानों ने जिले के तमाम ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी करने के साथ धरना प्रदर्शन व तालाबंदी की। प्रधानों ने कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं,तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन में योगेश ओली,सोनू उप्रेती,कमल सिंहकुंवर,प्रदीप देव, जीवन बिष्ट, त्रिभुवन तिवारी, रमेश राम, प्रेम बोरा, विजय मनराल, मनोज सामंत, रमेश राम, चंद्रकांत तिवारी, हरीश राम,योगेश गिरी,राम सिंह,पुष्कर गिरी,पंकज बोरा, भूप राम आदि ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें:
न्यूनतम 20 हजार रुपए मासिक मानदेय, ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को भी खुली बैठक में शिरकत करने पर मानदेय का प्रावधान हो,नेटवर्क कनेक्टिविटी ठीक नहीं होने पर मनरेगा वीबी रामजी योजना में मजदूरों की उपस्थिति को ऑफलाइन करने की छूट, कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अकुशल 600 रुपये व कुशल मजदूरी 800 रुपये, ग्राम पंचायत के राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त की धनराशि को आबादी व भौौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार बढ़ाने, जिला योजना मद में पास होने वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से पारित करवाने, जिला योजना बैठक में ग्राम प्रधान संगठन को भी नामित सदस्य के रूप में आमंत्रित करने, पंचायती राज एक्ट में पारित सभी 29 विभागों को अति शीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने,विधायक,सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम
प्रधान निधि की बजट में व्यवस्था।
ग्राम प्रधानों ने कहा कि ग्राम पंचायत में किसी भी विभाग द्वारा स्वीकृत 10 लाख रुपये तक के विकास कार्यों की कार्यदाई संस्था ग्राम पंचायत को ही बनाया जाए। इससे ग्रामीण रोजगार बढ़ने के साथ पलायन रोकने में मदद मिलेगी। ग्राम प्रधानों का पंचायती राज विभाग द्वारा स्वास्थ्य बीमा,जीवन बीमा करवाने पर भी जोर दिया गया। उत्तराखंड की सभी ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास प्लस सर्वे 2024 की सूची में नाम होने के बाद भी आवास सॉफ्ट द्वारा जेनरेट की गई प्राथमिकता सूची में नाम नहीं होने पर जरूरतमंद ग्रामीण लाभार्थियों में रोष है। लिहाजा इसको अति शीघ्र प्रधानमंत्री आवास प्राप्त प्राथमिकता सूची में लाभार्थियों के नाम में शामिल किया जाए। 16वें वित्त में नई गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायत टैक्स के रूप में प्रत्येक परिवार मासिक 100 रुपये की दर से वार्षिक लगाकर ग्राम पंचायत की आय में वृद्धि करने और टैक्स लागू नहीं होने पर हर साल ग्राम पंचायत के 16वें वित्त से 20 प्रतिशत की राशि में कटौती की जाएगी का आदेश प्राप्त हुआ है। इस आदेश में संशोधन कर ग्राम पंचायत को टैक्स लागू करने की बाध्यता से मुक्त किया जाए।
ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी व प्रदर्शन करते ग्राम प्रधान।
