टनकपुर/भिंगराड़ा/चम्पावत। जनपद चम्पावत का दूरस्थ लधिया घाटी के भिंगराड़ा स्थित जीआईसी में एक भी स्थाई प्रवक्ता नहीं है। यहां वर्ष 2019 से प्रधानाचार्य की कुर्सी भी खाली है। इतना ही नहीं इस विद्यालय में न स्वच्छक और नहीं कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मी मौजूद है। इंटर की कक्षाओं की शिक्षण व्यवस्था की जिम्मेदारी भीअतिथि शिक्षकों के सहारे हैं।
जनपद चंपावत में जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी किलोमीटर दूर स्थित भिंगराड़ा के जीआईसी(राजकीय इंटर कॉलेज) में 296 छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। इस विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था अतिथि शिक्षकों के भरोसे छोड़ दी गई है। विद्यालय में प्रवक्ता के 9 पदों में से किसी पद हेतु भी स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है। आलम यह है कि इंटर के बच्चों की पढ़ाई 7 अतिथि शिक्षकों के भरोसे है अलबत्ता संस्कृत विषय को पढ़ाने के लिए जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार ने इस सत्र के लिए खनन न्यास से वैकत्पिक व्यवस्था की है। इसके अलावा एक विषय (रसायन विज्ञान) पढ़ाने हेतु न स्थाई शिक्षक है न अतिथि। उक्त विद्यालय में वर्ष 2019 से प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है।
सात विषय पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकः
टनकपुर। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य जो कला के शिक्षक भी हैं विकास सिजवाली बताते हैं कि इंटर के 9 प्रवक्ता के पदों में से 7 विषय पढ़ाने के लिए अतिथि शिक्षक हैं। रसायन विज्ञान के प्रवक्ता का स्थानांतरण इसी सत्र में होने से इस विषय के लिए स्थाई या अतिथि शिक्षक दोनों में से कोई नहीं है। चतुर्था श्रेणी कर्मी और स्वच्छक की भी व्यवस्था नहीं है। मिनिस्ट्रियल का भी एक पद खाली है।
पीटीए ने व्यवस्था पर उठाए सवालः
टनकपुर/भिंगराड़ा/चम्पावत । भिंगराड़ा जीआईसी के पीटीए(अभिभावक-शिक्षक संघ)ने विद्यालयकी व्यवस्थाओं पर सवाल उठा कहा कि शिक्षकों के खाली पदों को भरे बगैर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं है। पीटीए अध्यक्ष अमर सिंह रावत की अध्यक्षता और प्रभारी प्रधानाचार्य विकास सिजवाली के संचालन में हुई बैठक में अभिभावकों ने कहा कि सुदूर के इस विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती करने में विभाग उदासीनता बरत रहा है। इसे लेकर ठोस कदम उठाने का निर्णयभी लिया गया। बैठक में खिलानंद भट्ट,किशोर शर्मा,दीपक शर्मा,विनोद जोशी,विपिन भट्ट,दुर्गा नाथ,पुष्कर सिंह, प्रकाश भट्ट,नीमा भट्ट, मुन्नी देवी सहित विद्यालय के लोग मौजूद रहे।
भिंगराड़ा जीआईसी भवन व बैठक में मौजूद अभिभावक।
