टनकपुर/चम्पावत। जनपद चंपावत के सबसे बड़े टनकपुर उप जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के हाल भगवान भरोसे हैं,वो भी तब जबकि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि टनकपुर अस्पताल शुरू से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से से जूझ रहा है। अस्पताल में सबसे जरूरी हड्डी के इलाज को लम्बे समय से चिकित्सक नहीं है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की सर्जरी आदि हेतु भी लोगों को बाहरी क्षेत्रों का रुख करना पड़ रहा है जिसमें उन्हे खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। आश्चर्य तो इस बात है कि अस्पताल से लगा हुआ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कैम्प कार्यालय है जहां हर रोज मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों द्वारा कैम्प कार्यालय के औचित्य पर भी अक्सर सवाल खड़े किए जाते हैं।
इधर टनकपुर अस्पताल में इलाज से इत्तर एक और बड़ी दुश्वारी है। विडंबना यह कि अस्पताल में 3 वाहन हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर इन्हें चलाने हेतु कोई चालाक नहीं है। इस वजह से अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री की विधानसभा वाले चंपावत विधानसभा सीट के मैदानी क्षेत्र टनकपुर के उप जिला अस्पताल को 5 साल पूर्व बीएलएसए (बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस) दी गई थी। शुरुआत से ही इसका उपयोग कम हुआ, लेकिन अब इस साल जून से यह एंबुलेंस उपयोग लायक ही नहीं है। इसकी वजह एंबुलेंस में किसी खामी का होना नहीं है, बल्कि एंबुलेंस को चलाने के लिए ड्राइवर नहीं होना है।टनकपुर अस्पताल के चिकित्साधीक्षक का वाहन भी चालक के न होने के कारण खड़ा है। और तो और तीसरा वाहन भी बगैर चालक के धूल फांक रहा है। इन वाहनों को चलाने के लिए ड्राइवर नहीं होने से अस्पताल को दवाइयां और अन्य जरूरी काम के लिए भी इधर-उधर से व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वाहन चालकों हेतु प्रक्रिया गतिमानःसीएमओ
टनकपुर। टनकपुर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी चम्पावत डा.देवेश चौहान के मुताबिक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने हेतु प्रयास जारी हैं। यहां बीएलएसए सहित 3 वाहनों को चलाने के लिए कोई चालक नहीं है। वाहन चालक की तैनाती को प्रक्रिया चल रही है जिस हेतु महानिदेशक से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।
वहीं टनकपुर अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डा.घनश्याम तिवारी का कहना है कि पूर्व में अस्पताल के चालक धर्मवीर की इस साल 31 मई को सेवानिवृत्ति हो गई थी। इसके बाद फिलहाल अस्पताल में कोई भी वाहन चालक नहीं है
