टनकपुर/चम्पावत। देश की सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण नेपाल सीमा से लगी टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) सड़क पर आए जबर्दस्त मलबे को हटाने हेतु विभागीय कसरत जारी है,लेकिन सड़क को सुचारू करने में अभी और वक्त लगेगा। पिछले दिनों बारिश के चलते पहाड़ी पर हुए भूस्खलन से यह सड़क गुरुवार सुबह से बंद है। रोड बंद होने से सीमांत के कई गांवों की आवाजाही पर असर पड़ा है। इस कारण क्षेत्र के काफी लोगों को रक्षा बंधन पर्व में घर पहुंचने में भी दुश्वारी झेलनी पड़ी। इधर कल से ही लोक निर्माण विभाग की टीम के द्वारा रोड को खोलने के प्रयास जारी हैं।
दो दिन पूर्व क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण टीजे रोड चरण मंदिर के पास हुए जर्बदस्त भूूस्खलन से कल गत गुरुवार की सुबह से बंद है। ऊंची पहाड़ी से टूटी चट्टान से रोड मलबे से पटी है। एक ओर पहाड़ी है, बीच में मलबा और दूसरी तरफ काली नदी। साथ ही भारी मलबे ने सड़क को भी खासा नुकसान पहुंचाया है। रोड पर आवागमन बंद होने से कलढुंगा, चूका, सीम, खेत, रणकोची से लेकर नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के गांवों का सड़क संपर्क भी ठप हो गया है। वहीं कुछ ग्रामीण मजबूरी में जोखिम के बीच मलबे को लांघ आर-पार कर रहे है।
लोगों की हिफाजत जरूरीः सरपंच
टनकपुर। पूर्णागिरि क्षेत्र की वन पंचायत के सरपंच पंडित नेत्र बल्लभ तिवारी ने स्थानीय प्रशासन से रोड को जल्द से जल्द खुलवाने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने जोखिम उठा सड़क आर-पार कर रहे लोगों की हिफाजत के लिए भी उचित कदम उठाने का प्रशासनिक अमले से अनुरोध किया है।
कल तक रोड सुचारू होने की उम्मीदःसामंत
टनकपुर। सड़क सुचारू करने में जुटे लोनिवि टनकपुर के सहायक अभियंता लक्ष्मण सिंह सामन्त ने बताया कि टीजे रोड को खोलने के लिए पोकलैन और जेसीबी सहित 3 मशीनें लगाई गई हैं। काम का लगातार सुपरविजन किया जा रहा है। लेकिन मलबा बहुत ज्यादा है,इसलिए उसे हटाने में समय लग रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कल शनिवार 29 अगस्त तक सड़क को आवागमन के लिए सुचारू कर दिया जाएगा।
टीजे रोड पर गिरे मलवे का दृश्य।
