टनकपुर/चंपावत/पूर्णागिरि । सीएम पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चम्पावत की विधानसभा चम्पावत स्थित पूर्णागिरि से लगे अनेक क्षेत्रों में आज भी लोग रोड नहीं होने की समस्या से जूझ रहे हैं। गत दिवस यहां एक बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए डोली से ले जाना इसकी बानगी भर है। ग्राम कोटकेन्द्री से पहले डोली और फिर करीब 39 किलोमीटर दूर रोड से मरीज को टनकपुर अस्पताल पहुंचाया गया। कोटकेंद्री में न रोड न अस्पताल कुछ ऐसे हैं यहां का हाल।
पूर्णागिरि क्षेत्र से लगे ग्राम कालीगूंठ के ग्राम प्रधान पंडित पंकज तिवारी ने बताया कि 13 अगस्त को कोटकेंद्री गांव की सरस्वती देवी (61) पत्नी त्रिलोक सिंह की एकाएक तबीयत बिगड़ गई। सांस की परेशानी होने से उन्हें टनकपुर ले जाना पड़ा। प्रधान पंडित तिवारी ने बताया कि रोड न होने से क्षेत्र के लोगों ने बीमार महिला के लिए लकड़ी से स्ट्रेचर तैयार किया। फिर 3 किलोमीटर तक कंधे में ले जाकर पोथ गांव पहुंचाया। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीण इस पैदल दूरी को पूरा कर सके। पोथ से करीब 39 किलोमीटर जीप से टनकपुर अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद हालत में सुधार हो रहा है।
प्रधान पंडित पंकज तिवारी ने बताया कि रोड नहीं होने का ग्रामीण खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने बताया कि पोथ-कोटकेंद्री-सेलागाढ़ सड़क का निर्माण दिसंबर 2024 में घोषणा के बावजूद अभी तक शुरू नहीं हो सका है। बीमार होने से लेकर रोजमर्रा के कामकाज और कृषि उपज पर भी इसकी मार पड़ रही है। वहीं लोनिवि के अधिशाषी अभियंता मोहन चन्द्र पलड़िया के मुताबिक पोथ-कोटकेंद्री-सेलागाढ़ की सड़क मंजूर हो चुकी है। 18 किलोमीटर लंबी इस सड़क को प्रथम चरण की मंजूरी मिल चुकी है। सर्वे और समरेखन हो गया है। आगे की कार्यवाही जारी है।
मरीज को डोली से ले जाते ग्रामीण, ग्राम प्रधान पंकज तिवारी।
