टनकपुर/चंपावत। जनपद चम्पावत के प्रवेश द्वार बनबसा से लगे गुदमी की पूर्व ग्राम प्रधान विनीता राना के साथ अपमानजनक बर्ताव करने वाले ग्रामीणों को आंखिर अपनी करनी का फल भुगतना पड़ा। चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय ने अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखनी वाली तत्कालीन प्रधान विनीता राणा के साथ बदसलूकी करने के मामले में 10 अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में से 5 महिलाएं हैं।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि सभी 10 गुनाहगारों को 5-5 वर्ष की सजा के अलावा 37-37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
मालूम हो कि वर्ष 2024 में 6 से 9 जुलाई की आपदा में बनबसा के कई गांव बाढ़ की चपेट में आए थे। तत्कालीन ग्राम प्रधान राणा का कहना था कि 10 जुलाई 2024 को आपदा पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने में मदद देने के लिए प्रशासन ने उन्हें बुलाया था। लेकिन प्रधान के वहां पहुंचने से पूर्व ही कुछ ग्रामीणों के भड़काने पर 5 महिलाओं सहित कुल 10 लोगों ने उनके साथ न सिर्फ धक्का-मुक्की की बल्कि गालीगलौज कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर जूतों की माला भी पहना दी। मामले को लेकर तत्कालीन प्रधान विनीता राणा की तहरीर पर 9 लोगों के खिलाफ नामजद व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ बनबसा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 351, 352, 192 के अलावा 3(1) (डी), (एम), (आर), (एस), एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था।
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद विशेष सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। तमाम गवाहों, साक्ष्यों और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अदालत ने मामले में सभी 10 अभियुक्तों को दोषी पाया। विशेष सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी) जिला जज अनुज कुमार संगल ने सभी दोषियों को 5-5 साल की सजा के अलावा 37-37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
मामले में दोषी ठहराए गए 10 अभियुक्त:
हेमा खड़ायत (48 वर्ष), लीला दिगारी (45), जानकी कलौनी (50), दिनेश कलौनी (53), रोहित जेम्स (35), पिंकी जेम्स उर्फ सारिका (43), निखिल जेम्स उर्फ अमन (23), संजीव सिंह (45), निर्मला दिगारी (47),
और संदीप लॉरेंस (54) सभी निवासी गुदमी, बनबसा, चंपावत।
पीड़िता को प्रतिकर:
दोषियों द्वारा अर्थदंड जमा कर दिये जाने पर उसमें से 1 लाख रुपए पीड़िता विनीता राना को उनके बैंक खाते के माध्यम से दिए जाएंगे।इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा भी पीड़िता को 1 लाख रुपए की प्रतिकर धनराशि दी जाएगी। जिसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंपावत द्वारा पैरवी की जाएगी।
